KHATU SHYAM JI “खाटू श्याम जी का जीवन परिचय | जन्म, परिवार, वरदान और महिमा” (“Khatu Shyam Ji Ka Life History | Full Story in Hindi)
Khatu Shyam Ji को हिंदू धर्म में एक बहुत ही पूजनीय देवता माना जाता है। इन्हें “कलयुग के भगवान” और “हारे का सहारा” भी कहा जाता है। उनकी भक्ति विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर भारत में बहुत प्रसिद्ध है। जन्म और परिचय :- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खाटू श्याम जी वास्तव में महाभारत के वीर योद्धा Barbarik का ही रूप हैं। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। कथा (संक्षेप में) महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी असीम शक्ति और धर्मपरायणता को देखते हुए उनसे उनका शीश (सिर) दान में मांग लिया। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सिर दान कर दिया। इस बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलयुग में उन्हें “श्याम” नाम से पूजा जाएगा। महत्व इन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है सच्चे मन से की गई प्रार्थना को तुरंत सुनने वाले माने जाते हैं भक्तों में इनकी अटूट आस्था है प्रमुख मंदिर इनका सबसे प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है, जिसे Khatu Shyam Temple कहा जाता है। अगर तुम चाहो तो मैं तुम्...